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भारत के लिए कोरोना टीकाकरण की चुनौती- क्या, क्यों और कैसे

भारत में कोरोना की वैक्सीन आने के बाद अब देश में टीकाकरण के आगाज की घोषणा हो चुकी है। लोहड़ी, मकर संक्रांति और पोंगल जैसे त्योहारों के बाद टीकाकरण कार्यक्रम 16 जनवरी से शुरू हो चूका है,आइए जानते हैं कि कोरोना टिका क्या है, देश में टीकाकरण की क्या चुनौतियाँ है अथवा  आगे का रास्ता क्या हो 

वैक्सीन क्या है 

वैक्सीन आपके शरीर को किसी बीमारी, वायरस या संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार करती है, वैक्सीन में किसी जीव के कुछ कमज़ोर या निष्क्रिय अंश होते हैं जो बीमारी का कारण बनते हैं.

कोरोना टीकाकरण की चुनौतियां कैसी है | 

१. कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण के दौरान देश में टीके के वितरण के लिए साजो सामान और आपूर्ति श्रृंखला जैसी कई चुनौतियां सामने आएंगी, साथ ही प्रभावी टीके के उपलब्ध होने तक वायरस को फैलने से रोकने की कोशिशों में कमी नहीं आनी चाहिए

२. टीका उपलब्ध होने तक संक्रमण से निपटने के लिए अधिक प्रभावी संक्रमणरोधी दवाइयों के लिए अध्ययन किया जाना चाहिए.

३. टिटनस के टीके के अलावा वयस्कों के लिए कोई टीकाकरण कार्यक्रम नहीं है. बच्चों के टीकाकरण में भी कई मुश्किलें हैं क्योंकि कई लोग टीके लगवाते ही नहीं हैं.

४. अधिकतर टीकों के लिए कम से कम दो खुराक की आवश्यकता हो सकती है और दूसरा टीका कुछ निश्चित दिनों के बाद लगना चाहिए. यह सुनिश्चित करना एक और चुनौती होगी.

५. कुछ कंपनियों के टीकों को शून्य से 70 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान में रखना होगा. बड़े शहरों के अलावा अन्य स्थानों पर इसका प्रबंध करना मुश्किल होगा. इसके अलावा एक अन्य चिंता की बात है कि दो-तीन साल बाद ही पता चल पाएगा कि क्या टीका दीर्घकाल में भी वास्तव में प्रभावी है या नहीं.

६. देश में जितनी संख्या में वैक्सीन की ज़रूरत होगी, उतनी ही संख्या में अपने आप नष्ट हो वाली सीरिंज (इंजेक्शन) की भी ज़रूरत होगी ताकि उनके दोबारा इस्तेमाल और किसी तरह के संभावित संक्रमण को रोका जा सके.

७ वैक्सीन की मांग को पूरा करने के लिए अगले साल तक एक अरब सीरिंज  इसके अलावा कांच की उन शीशियों की आपूर्ति को लेकर भी सवाल हैं जिनमें वैक्सीन की खुराक रखी जाएगी. वहीं, उस मेडिकल कचरे के निपटारे को लेकर क्या किया जाएगा जो इस टीकाकरण अभियान से बड़े स्तर पर निकलेगा?

८. इन सबके अलावा भारत में आम तौर पर होने वाले टीकाकरण कार्यक्रम को पूरा करने के लिए क़रीब 40 लाख डॉक्टर और नर्सों की ज़रूरत होती है. लेकिन, कोविड-19 के टीकाकरण के लिए और ज़्यादा लोगों की ज़रूरत पड़ेगी.

भारत टीकाकरण की समस्या को क्यों हल कर लेगा 

1.भारत में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाए जाते हैं, यहां दुनिया भर की 60 प्रतिशत वैक्सीन बनती हैं और यहां आधे दर्जन वैक्सीन निर्माता मौजूद हैं, 

जिनमें दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल है.

2.भारत के पास इन वैक्सीन को संग्रहित करने और उन पर नज़र रखने का एक बेहतरीन इलैक्ट्रॉनिक सिस्टम भी है

अतः हम यह निष्कर्ष निकल सकते है की भारत कोरोना टीकाकरण में सफल होगा

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